
यशुमति कान्हहि यह समुझावति
यशुमति कान्हहि यह समुझावति: यशुमति कान्हहि यह समुझावति, सुनहु श्याम सब पढ़त लिखत हैं, इक तुम्हहि बस धेनु चरावत, यशुमति

यशुमति कान्हहि यह समुझावति: यशुमति कान्हहि यह समुझावति, सुनहु श्याम सब पढ़त लिखत हैं, इक तुम्हहि बस धेनु चरावत, यशुमति

जीती हूँ तुम्हे देख के मरती हूँ तुम्ही पे, तुम हो जहा साजन मेरी दुनिया है वही पर, इक तेरे

जिन्दगी और जिन्दगी की हर तमना आप है, सच तो ये है मेरे सतगुरु, मेरी दुनिया आप है, जिन्दगी और

करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार। राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली सरकार॥ बार बार श्री राधे हमको वृन्दावन में

होली खेलन श्याम के संग, चली वृषभान लाली, रूप उजियारी , अति सुकुमारी, गौरा बदन तन सुंदर साडी, इंद्रधनुष के

आज श्याम मेरे ने पाइया नज़रा मेहर दिया हो नज़रा मेहर दिया मोर बागा विच पेला पावे रज रज गीत

खेले सखियाँ संग फाग आज बरसाने में, री हाँ आज बरसाने में,री हाँ आज बरसाने में हो हो होरी हो

जिस दिन से निहारी मैंने सांवरियां उस दिन से दीवानी मैं तो हो गई रे, कुंजन से सुनी जब बांसुरियां,

राधे रानी ऐसी किरपा मुझपे तू बरसा दे, हर दम गुण गाऊ मैं तेरे मुझको श्याम मिला दे, जपु मैं

मेरी करुणा मई सरकार, हमारी श्री राधे ll श्री राधे, जय श्याम राधे –VIII ^मेरी करुणा मई ll सरकार, हमारी