
जीव जीवन जगत में मिला है तुझे
जीव जीवन जगत में मिला है तुझे भावना भाव भगती भजन के लिए, मन के मंदिर में मूरत तू एसी

जीव जीवन जगत में मिला है तुझे भावना भाव भगती भजन के लिए, मन के मंदिर में मूरत तू एसी

है कण कण में झांकी भगवान् की, किसी सूझ वाली आँख ने पहचान की, नामदेव ने पकाई रोटी कुत्ते ने

मेरे झर झर है पांव समबालो प्रभु, अपने चरणों की छाँव बिठा लो प्रभु, मेरे झर झर है पांव माया

मेरा छोड़ दे जुपट्टा नन्द लाल सवेरे दही लेके आऊगी॥ ना माने तो मेरी चुनर रखले या में सितारे जड़े

चाहत में हमने श्याम की खुद को मिटा दिया, चाहत में हमने आप की खुद को मिटा दिया, वो याद

होली खेल रहे नंदलाल ब्रिज की गलियों में गलियों में गलियों में ब्रिज की गलियों में होली खेल रहे नंदलाल

आ भी जाओ श्याम सांवरियां सुन को तेरी ये बंसुरिया राधा तुझे पुकारे , आ भी जाओ श्याम सांवरियां सुन

कैसो जच रेहो मदन गोपाल हाथ में बंसी लियो, सर पर है पंख सवार हाथ में बंसी लियो, कैसो जच

फरयाद तुमसे मेरी मेरे श्याम सांवरे, रहू सेवा में तेरी मेरे तेरी दिन रात सँवारे, छुते ना तेरी चोकथ मेरे

बोल हरी बोल हरी हरी हरी बोल, बोल हरी बोल हरी हरी हरी बोल, बोल हरी बोल हरी हरी हरी