
तेरी भगति में प्रभु राम मैं पागल हो जाऊ
दिन रात सुबह शाम तेरा रट ती राहु नाम और कुछ न चाहु, तेरी भगति में प्रभु राम मैं पागल

दिन रात सुबह शाम तेरा रट ती राहु नाम और कुछ न चाहु, तेरी भगति में प्रभु राम मैं पागल

ओ मेरे श्याम, ओ मेरे श्याम, ओ मेरे श्याम, ओ मेरे श्याम ll तुम्हारे बिन, तुम्हारी यह राधा, न जी

जब जब तेरी मुरली भाजे राधा झूम झूम कर नाचे, तूने बंसी जो बजाई राधे ने सूद भूद विसराई, उसकी

कान्हा ने रंग डारी रे, मोरी गोरी चुनरियाँ होली में, रंग लाल गुलाभी डाल गयो ऐसी मारी पिचकारी रे, सारा

मिले हो तुम हमको बड़े नसीबो से, जुदा न होना तुम प्रभु गरीबो से, तुम्हरो किरपा से ये सांसे मिली

ख्यालो में तू है और खाव्बो में तू है जिधर देखती हु उधर तू ही तू है ख्यालो में तू

भजन में आके मितला है दुखियो को सहारा, अधर न आते भजन में हम तो हो जाते बेसहारा, भजन में

तेरी मुरली पे जाऊ बलिहार रसिया, मैं तो नाचू गी तेरे दरबार रसिया, पनिया भरन को मैं घर से निकली,

तू मेरा मोहन मोहन मैं तेरी जोगन हु रे, नहीं तू तोड़ पायेगा प्रेम का बंधन हु रे, तू मेरा

चलो देख आएं नन्द घर लाला हुआ। यह तो नन्द जी के कुल का उजाला हुआ॥ देखो सब ग्वाल बाल,