
कन कन मे वस्ता है राधा नाम
वृन्धावन के कण कण में वसता है राधा नाम, मेरे मन में राधा नाम मेरे तन में राधा नाम, वृन्धावन

वृन्धावन के कण कण में वसता है राधा नाम, मेरे मन में राधा नाम मेरे तन में राधा नाम, वृन्धावन

मैं न जाउंगी पनघट पे श्याम तुम्हरे संग कान्हा श्याम मुरारी भरन नही देते गगरियाँ मोरी मैं न जाउंगी पनघट

मेरे वेहड़े विच्च नच्चन बहारां, वेहड़े विच्च श्याम आए ने, के वेहड़े विच्च श्याम आए ने । अज्ज मेरे वेहड़े

संकट में है अब गोपाल तेरा गोवंश पुकारे रे, दुष्टों से बचा लो प्राण तेरा गोवंस पुकारे रे, संकट में

ये दुनिया श्याम तेरे किस्से मुझे जब भी सुनती है, मुझे तेरी याद आती है तेरी यादो में एह मोहन

अब डरना कैसा प्यार के अनजाम से, दिल लगा बैठे हम राधा तेरे श्याम से, दीवाना दीवाना दिल दीवाना दीवाना,

नैनन में श्याम समाए गयो, मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो । लुट जाउंगी श्याम तेरी लटकन पे, बिक जाउंगी

मेरी माँ से मिला मुझे प्यार ,हुआ बेडा पार के जो जय माये कहे, शेरावाली करेगी बेडा पार जो जय

ये तीर नजर है या कातिल निगाहे, बनता है जिसके भी दिल को निशाना, उसे याद रहता नही ये जमाना,

ओ छलिया श्याम सलोने अँखियो से मत कर टोने, मैं पास न तेरे आउ नहीं माखन तुझे खिलाऊ तू पल