
तुम्हारी याद आती है बताओ क्या करें मोहन
तुम्हारी याद आती है, बताओ क्या करें मोहन । सुबह और शाम आती है, रात भर वो रुलाती है ।

तुम्हारी याद आती है, बताओ क्या करें मोहन । सुबह और शाम आती है, रात भर वो रुलाती है ।

केहड़ी गल दा तू गुस्सा वे मनाया रोटी क्यों नहीं खहनदा ठाकरा भूल जा हुन तू दूध मलाईया मखना दे

अब आजाओ घनश्याम देर क्यों लगायी है असा वी दर तेरे ते अलख जगायी है दुर्योधन के मेवे त्यागे ॥

बिक गए मदन गोपाल भगतो की भगति पे ॥ भगतो की भगति पे संतो की शक्ति पे ॥ मुरली भी

प्रिये राधे प्रिये राधे राधे राधे राधे प्रिये प्रिये प्रिये श्यामा प्रिये श्यामा श्यामा श्यामा प्रिये प्रिये करुणा करे बृषभानु

फरयाद मेरी सुन के हे श्याम चले आना , करू विनती यही बाबा चरणों में जगह देना फरयाद मेरी सुन

घडी एक ना ही आवडे तुम दर्शन बिन मो, तुम हो मेरे प्राण जी थासु जीवन होए नींद आवे चैन

अपने श्री मुख से गोविंद नाम कह रे । अपने श्री मुख से गोविंद नाम कह रे ॥ एक बजे

कितनी सुहानी आई घड़ी है, मेरे सखा की लगन चढ़ी है, मैं भी करूँगा ब्याह मैया, मैं भी करूँगा ब्याह

ओ भगवन को भेजने वाले मन में धरले ध्यान भाव बिन मिले नहीं भगवान दुर्योधन की छोड़ी मेवा भय गयी