
ऐसी मोहन ने मुरली बजाई
ऐसी मोहन ने मुरली बजाई सारी गोपी है सुन ने को आई, ऐसी मधुर भजाई तूने मुरली की तान, मैं

ऐसी मोहन ने मुरली बजाई सारी गोपी है सुन ने को आई, ऐसी मधुर भजाई तूने मुरली की तान, मैं

मधुकर श्याम हमारे चोर मन हर लीनो माधुरी मूरत, निरख नैन की कोर, मधुकर श्याम हमारे चोर सिर पे जाके

जरा रुक के, जरा झुक के जरा घट के, चलो साथी होले होले चलो सागे सागे , श्याम को निशान

आया जबसे मैं तेरे दवार सांवरे, तूने इतना दिया है मुझे प्यार सांवरे, नहीं भूलू कभी भी मैं तेरा उपकार

तेरी बंसी के बोल अनमोल. किस का है कान्हा तू बोल, गिरधर गोपाला मीरा पुकारे, राधा कहे आजा रास रचाले,

ओ सँवारे ओ सँवारे ओ सँवारे, हम तेरे नाम के दीवाने है, कोई गैर तो नहीं ओ सँवारे ओ सँवारे

यमुना तट आया करो, यमुना ते आकर के फिर दरश दिखाया करो, यमुना विच पानी है, तेरे संग साडी प्रीत

यशोमती मैया से बोले नंदलाला, राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला | बोली मुस्काती मैया, ललन को बताया, काली अँधेरी

तेरा लेके उल्हाना आज श्याम मैं नन्द गांव आउंगी, तू करने लगा है तंग मने तेरी सारी शिकायत लाउगी देदे

राधा सुन ले बात हमारी कहां जाने की है तैयारी श्याम तनै क्या है बीमारी जो रस्ता रोकै है म्हारी