
छोड़ो छोड़ो कलाही मेरी नन्द लाला
छोड़ो छोड़ो कलाही मेरी नन्द लाला. घर जाने को हो रही देरी नन्द लाला मैं आउंगी मिलने को कल सवेरे

छोड़ो छोड़ो कलाही मेरी नन्द लाला. घर जाने को हो रही देरी नन्द लाला मैं आउंगी मिलने को कल सवेरे

एक बार आके देखलो मेरा हाल सांवरे, बिन आप के ये दास है बेहाल सांवरे, एक बार आके देखलो मेरा

यह कैसी कसक तूने इस दिल में लगा दी है, हमने तुजे रो रो के हसने की दुआ दी है,

ये तो करम है तेरा,के हम जी रहे है, भगती का जाम रात दिन हम तो पी रहे है, ये

सारी दुनिया में हम लोगो के अंदाज निराले है, हम श्याम दीवाने है हम श्याम दीवाने है जो भी आये

मेरे बांके कुवर तूने करके मेहर वृदावन भुलाया तेरा शुक्रिया, गई किस्मत सवर मिल गया तेरा दर, मुझे अपना बनया

सारे ब्रज में मच गया शोर, आयो आयो जी माखन चोर, पकड़ो री पकड़ो कान्हा को यही चोरन को सिर

सुन धुन बंसी की जागी, तज लोक लाज मैं भागी, मुझे सुध बुध न तन मन की लागि लगन सँवारे

जय माधव मदन मुरारी। जय केशव कलिमल हारी॥ सुन्दर कुंडल, नयन विशाला, गले सोहे वैजयंती माला। या छवि की बलिहारी॥

अगर श्याम से नाता है तो क्यों गबराता है, दुनिया के आगे तू क्यों हाथ फैलता है, दुनिया का हर