
साँवरिया मन भाय गयो री
साँवरिया, मन भाय गयो री, xll -ll साँवरिया, मेरो साँवरिया, xll साँवरिया, मन भाय,,,,,,,,,,,,,,,, मुख से बोले, मीठी बानी ll

साँवरिया, मन भाय गयो री, xll -ll साँवरिया, मेरो साँवरिया, xll साँवरिया, मन भाय,,,,,,,,,,,,,,,, मुख से बोले, मीठी बानी ll

सांवरे तेरी सूरत निहारूं, कब कृपा होगी तेरी ना जानूं, नाथ तुम हो बडे ही दयालू, एक नजर श्याम दीनों

तेरा दर्श पाने को जी चाहता है। खुदी को मिटाने का जी चाहता है॥ पिला दो मुझे मस्ती के प्याले।

हो मैंने कर ली पकी यारी तेरे संग ओ बांके बिहारी प्यारा सब से तू है हमारा दिलबर तू ही

सावरे से प्रीत मेरी हो गयी रे पिया मैं तो होली खेलने जाउंगी ललिता भी जाये विशाखा भी जाये आडोसं

नैनो में चले आओ श्याम दर्शन दिखाने को मेरे दिल में समा जाओ लौट के फिर ना जाने को देखा

बांके बिहारी की देख छटा, मेरो मन है गयो लटा पटा। कब से खोजूं बनवारी को, बनवारी को, गिरिधारी को।

चढ़ गयी चढ़ गई श्याम भंग होली में । तन में चढ़ गई मन में चढ़ गई, रोम रोम में

बिन पैसे संसार चले न सुनो सांवरे गिरधारी पैसे की इज्जत बाहरी पैसे से ही कुटुम का बिला पैसे की

मैनु श्याम दे रंग विच्च रंग लैन दे नी, मैनु ओह्देया रंगा दे विच रंग लैन दे नी। पुछदिया सईयां