
कान्हा मत कर तू उत्पात
कान्हा मत कर तू उत्पात समजावे गुजरियां प्यारी, समजावे गुजरियां प्यारी समजावे गुजरियां प्यारी, कान्हा मत कर तू उत्पात समजावे

कान्हा मत कर तू उत्पात समजावे गुजरियां प्यारी, समजावे गुजरियां प्यारी समजावे गुजरियां प्यारी, कान्हा मत कर तू उत्पात समजावे

वृन्दावन जाने को दिल बेकरार संवारे सलोने से हो गया है प्यार चाहे ये जमाना करे ये प्यार मैं तो

कृष्णा ही तन है कृष्णा ही मान है, कृष्णा ही हम सबके जीवन है, कृष्णा ही तन है कृष्णा ही

कृष्ण जिनका नाम हैं, गोकुल जिनका धाम है, ऐसे श्री भगवान को,बारंबार प्रणाम है, यशोदा जिनकी मैया है, नन्द जू

मधुबन की लताओं में घनश्याम तुम्हें देखू, घनघोर घटाओ में घनश्याम तुम्हें देखू, यमुना का किनारा हो बहती हुई धारा

राधा हमारी गोरी गोरी संवाला सलोना घनश्याम, के जोड़ी का जवाब नही, संवाला सलोना घनश्याम के जोड़ी का जवाब नही,

ये बोली सी सूरत ये बांकी अधाये, मेरे श्याम तुमने क्या जादू चलाया, ते त्रिशि निगाहो के तीर चलना, बता

मैं बन गई तुम्हारी बिहारी जी मैं तो तेरे मुख की मुरलियां तुम हो तान हमारी बिहारी जी मैं बन

तेरो लाल चुरावे माखन, मैया से बोली ग्वालन, चिका पे चढ़ के मेरी मटकी फोड़ गई, कशु खायो कशु बांट

श्याम अपने दिल से भुला तो ना दोगे हँसते हुए हुए को श्याम रुला तो ना दोगे श्याम अपने दिल