
नन्द का लाला बासुरी वाला बुलावे मोहे गोकुल की नगरी
नन्द का लाला बांसुरी वाला, बुलावे मोहे गोकुल की नगरी । बृज का उजाला काहना निराला, बुलावे मोहे गोकुल की

नन्द का लाला बांसुरी वाला, बुलावे मोहे गोकुल की नगरी । बृज का उजाला काहना निराला, बुलावे मोहे गोकुल की

आजा श्याम प्यारे तुझे कब से अखियाँ निहारे, दर्श दिखा जा गले से लगा जा जिउ तेरे सहारे, आजा श्याम

आज करता हु वाधा मैं ये साईं जी दिल किसी का कभी न दुखाउगा मैं याद हर पल रखुगा वचन

तेरे हवाले मेरी गाड़ी, तूँ जाने तेरा काम जाने ll तू जाने तेरा काम जाने, तूँ जाने तेरा काम जाने

ना मेरी तकदीर का ना सारे जहान का मेरे घर में जो कुछ भी है दिया हुआ है श्याम का

श्री कृष्ण की बिरहन बन के राधा है इतना रोई ये सारा जग केहता है रोया है इतना न कोई

तेरे चरणों में रहता है, संसार सांवरे नही तुझसा मैंने देखा दिलदार सांवरे, ढूंढे कोई दुनिया में पाताल चला जाये,

लेगी दिल का चैन करार ये कान्हा मुरलिया तोरी रे यमुना तट पर तू आ जा मिले नि ओ राधा

खाली हाथ आये थे खाली नहीं जाना है, दिल चुराने वाले श्यामा दिल तेरा चुराना है, वयदा है तुझसे श्यामा

जब से तूने मुझे चरणों से लगा रखा है, तबसे हर शख से हाथो में उठा रखा है.. उस के