
साँवरा दौड़ा आएगा
जब जब दिल से श्याम को तू आवाज लगायेगा, साँवरा दौड़ा आएगा, कोई आये या ना आये ये रुक ना

जब जब दिल से श्याम को तू आवाज लगायेगा, साँवरा दौड़ा आएगा, कोई आये या ना आये ये रुक ना

कोई पकड़ के मेरा हाथ रे, मोहे वृन्दावन पहुंच देओ । वृन्दावन का एक ग्वाला, मन मोहन मेरा मुरली वाला

ओ मेरे श्याम सलोने सरकार, बना दो बिगड़ी मेरी, बिगड़ी मेरी श्याम बिगड़ी मेरी, बिगड़ी मेरी श्याम बिगड़ी मेरी, ओ

राधे राधे राधे, राधे राधे राधे,,,,,,,, जन्म अनमोल रे, तूँ राधे राधे बोल रे ll मिलेगा साँवरिया, वजेगी बाँसुरिया न

मीरा वांगु अंखिया चो नीर वगदा ऐ श्यामा वे, वसिया गोकुल साडा दिल नही लगदा श्यामा, वगदी रावी श्यामा मैं

हो जावे शुकराणा ओहदा कलम बनाई काहने दी, सतगुरु मेरे चाबी दिति इक अनमोल खजाने दी, आ भटक भटक के

सुनो राधा हां बोल कृष्णा देखो बरसाने मैं तेरे आऊंगा, होली पे रंग मैं लगाऊगा, मेरे बाप के सामने जो

ओ संवारा ओ संवारा ओ संवारा मैं तेरे दर पे श्याम आया हु, बेडा पार करो, तेरी ज्योत जलाऊ गा

एक तारा भज दा जी हर वेले गोविन्द गोविन्द कहंदा, जग कमली कहंदा है ते मेनू कोई फर्क नही पेंदा

मोहनी मुरलियाँ अब बजाते क्यों नहीं, अपनी राधा से मिलने आते क्यों नहीं तेरे बिना सुना कान्हा दुनिया जहां है,