
चलो चलो रे श्याम के द्वार होली खेलेगे
चलो चलो रे श्याम के द्वार होली खेलेगे उड़े रंगों की छावे बहार के होली खेले गे संवारे सलोने को

चलो चलो रे श्याम के द्वार होली खेलेगे उड़े रंगों की छावे बहार के होली खेले गे संवारे सलोने को

मोहे सब घट श्याम ही दीखे, सब घट श्याम ही दीखे, जित देखूँ उत श्याम ही दीखे, सागर की ये

कृष्णा काले मुरलियां वाले ओ जग से निराले तू करुना निधान है तेरी महिमा तो जग में महान है ओ

आज मेरे श्याम की शादी है श्याम की शादी है, मेरे घनश्याम की शादी है आज मेरे श्याम की शादी

तक़दीर लिखे से कौन लडे हम शरण में तेरी आ बैठे, तू दीन दयालु कहलाये तुझसे उमीदे ला बैठे, तक़दीर

मैं तो मेरे श्याम की दीवानी हु दीवानी, श्याम के सिवा न मेरी किसे ने जानी, मैं तो मेरे श्याम

क्यों घबराता है पल पल मन बावरे चल श्याम शरण में मिलेगी सुख की छाँव रे जीवन की राह में

वैकुंठ के सुख छोड़कर, भक्तों के पीछे दौड़ कर, हो साथ फिरते दरबदर, प्रिय राधावर प्रिय राधावर, तूने कहा था

नन्द भवन नन्द लाल ठुमक चलन लागे पीछे माँ यशोमती बाबा नन्द आगे लाल चलन लागे लघु लघु पद ढगमग

भक्तो के कष्ट मिटा देना भगवान तुम्हारी आदत है, भगतो की लाज बचा लेना घनश्याम तुम्हारी आदत है, भगतो को