
कातके करो बिरानी रे
पत्थरों को कर लो करेजा सुनियो अंतर्ध्यान बिटिया जात अबे लो को के पेटे नहीं समानी कातके करो बिरानी रे

पत्थरों को कर लो करेजा सुनियो अंतर्ध्यान बिटिया जात अबे लो को के पेटे नहीं समानी कातके करो बिरानी रे

मन मोहन मुझे बना ले अपनी बांसुरियां, रहना है तेरे हाथ में ओ सांवरियां, मेरी दीवानी तेरी सखियाँ रहे गी,

मेरे श्याम आज तुझको जी भर के देखना है, जी भर के देखना है पलकों में तुझको अपनी बंद कर

मेरे साँवरे का प्यार सदा , मुझपर यूँ बरसता रहता है बंद नैनो से, भी मुझको बस , दीदार इन्ही

अजब करिश्मा हमने देखा श्याम तेरे दरबार में, बदल ते देखा क्रम का लेखा शयाम तेरे दरबार में, अजब करिश्मा

लाज राखो ऐ गिरधारी, शरण तुम्हारी मैं हो चुकी हूँ लै नी लै लै मीरा माथे दी बिंदिया क्या करा

कान्हा का बाल रूप मन में बिठाइये, जन्मास्टमी है आई खुशियां मनाइये, माखन बना के भक्ति का प्रभु को खिलाइये,

हरि का भजन करा भाई हो बीत जाला उमरिया जाला उमरिया बीत जाला उमरिया हरि का भजन करा भाई हो

राधे के चरणों में गिर कर आंसू मोती बन जाते, हो जाते बेकार ये अगर कही और बह जाते, राधे

रूठ कर मुझसे प्रभु यूँ चले जाओगे तुम ये ना सोचा था कभी इतना आज़माओगे तुम रूठ कर मुझसे प्रभु