
दया कर महावीर हनुमान
मारुती नंदन असुर निकंदन, दो भक्तो पर ध्यान, दया कर महावीर हनुमान, जय जय सिया राम जय जय सियां राम,

मारुती नंदन असुर निकंदन, दो भक्तो पर ध्यान, दया कर महावीर हनुमान, जय जय सिया राम जय जय सियां राम,

किथे मिल जाये नन्द दा दुलारा, की पत्ता पत्ता शान मारियाँ, किथे मिल जाये गाऊआ वाला, की पत्ता पत्ता शान

प्यारी प्यारी प्यारी राधू जू तेरो प्यारो लगे बरसना, प्यारो लगे बरसना प्यारो लगे बरसना, भाग जगे मेरे भानु भवन

श्याम की नगरी में जो इक बार चला जाए दीवाना हो जाए वो दीवाना ही हो जाए भूले से न

नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा। सब देवोँ में देव बड़े हैं, श्याम बिहारी नंदा, भजो रे मन गोविंदा॥

कुछ समझ ना आये, खाटू वाले, ये खेल क्या रचाया तुमने, उन अखियों में कैसे देखु आँसू, के जिन्हे था

लोकी पुछदे ने हाल की बना लिया, कमली वाले ने कमला बना लिया, श्यामा एक वारी घर मेरे आई वे,

दया करो भोलेनाथ, दीन पे दया करो, हे मेरे भोलेनाथ, दीन पे दया करो….. आया हूँ मैं शरण तुम्हारी, करो

पूछो हमारे दिल से क्या क्या गुजर रही है मिलने को यार श्याम से साँसे चल रही है मैंने तो

बस इतनी तमना है, एह श्याम तुम्हे देखु एह घनश्याम तुम्हे देखु, बस इतनी तमना है, सिर मुकट सुहाना हो