
मुझे श्याम तेरी शरण चाहिए
मुझे श्याम तेरी शरण चाहिए, मुझे एक पल न भुलाना प्रभु मैं तेरा सेवक तुम्हारा रहुगा सदा के लिए, मुझे

मुझे श्याम तेरी शरण चाहिए, मुझे एक पल न भुलाना प्रभु मैं तेरा सेवक तुम्हारा रहुगा सदा के लिए, मुझे

एक सुन्दर ख्याल कान्हा मन में आया है मेरे अपने दिल के आँगन में एक भवन बनाया मैंने श्याम प्यारे

जीवन की डोर तुमसे बाँधी है सांवरे दर्शन की भीख देदो नैना है वन्वारे जीवन की डोर तुमसे तेरी ही

दीवाना बना दिया मुझे मस्ताना बना दिया, ओह राधे तेरे नाम ने दीवाना बना दिया, वृन्दावन में राधे राधे बरसाने

सँवारे तेरे रंग में मैं रंग जाउंगी, श्याम तू माखन खावेगो, के माखन बन मटकी में मैं घुस जाऊगी, सँवारे

तंग करे मैया को चुप नही हॉवे झुला झुलावे माँ झुला झुलावे कान में कुंडल गले में माला, पाओ में

मिलना जो श्याम से चाहो तो दिल में आस पैदा कर, जो पल पल उनके गाये वो स्वास पैदा कर

काला काला कहे न गोरी काले बिना तने कोई न सरे तू भी तो काले रंग पे मरे तेरे गाल

जो भी दिल में रहे बात वो बिन कहे, श्याम रखता खबर है फ़िक्र क्या करू, है बड़ा मेहरबान ये

बांके बिहारी कृष्ण मुरारी मेरे बारी कहा छुपे, दर्शन दीजियो शरण में लीजियो, हम बलहारी कहा छुपे, आँख मचोली हमें