
राधा मीरा दीवानी है घनश्याम की
राधा मीरा दीवानी है घनश्याम की, जप्ती दोनों की माला श्याम नाम की, मीरा ढूंढे मोहन को हर च्वारे गली,

राधा मीरा दीवानी है घनश्याम की, जप्ती दोनों की माला श्याम नाम की, मीरा ढूंढे मोहन को हर च्वारे गली,

साथी हारे का तू मुझको भी जताने आजा, तू मेरी लाज को लूटने से बचाने आजा, रिश्तो के खेल से

पिला दे साँवरिया, अपने नाम की मस्ती ll *तेरे हवाले करदी मैंने ll,, अपनी जीवन हस्ती,,, पिला दे,,, जय हो

जब याद तुम्हारी आती है मेरे दिल को बहुत सताती है मिल जायेगी दिल को राहत पास तेरे आ जाने

उसकी रजा से शिकवा कैसा ये इंसान का खेल नहीं, गा के साई का राग नकली दुनिया को त्याग, बहुत

हरी नाम की माला जपेगा कोई दिल वाला यह माला सीता ने जपी थी, मिल गया राम प्यारा, जपेगा कोई

खोल दो बिहारी जी अपने मंदिर का गेट, तेरे दर्शन को आया फूल श्रधा के लाया, तेरी कर रहा कब

श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं, हे गिरिधर तेरी आरती गाऊं। आरती गाऊं प्यारे आपको रिझाऊं, श्याम सुन्दर तेरी आरती

मत होना मन वनवारे उदास ये संवारा जरूर आएगा, मन में रखना विश्वाश संवारा जरूर आएगा, ढोले नैया तेरी हाथो

सुनो सुनो सुनावे नन्द लाल गोपाल इस पल पे उठाया मैं गोवेर्धन मैंने ब्रिज का माखन खाया है, ब्रिज प्रेम