
उंगली आपस में बतलाए बहने तो है काहे को अभिमान
उंगली आपस में बतलाए बहने तो है, काहे को अभिमान काहे को अभिमान, बहन तो है काहे को अभिमान, पहली

उंगली आपस में बतलाए बहने तो है, काहे को अभिमान काहे को अभिमान, बहन तो है काहे को अभिमान, पहली

बता तेरे मुख को कौन खोलता है, तू बोलता है या तेरा मोह बोलता है, बता तेरे मुख को कौन

देखा करो ना सांवरे हमको यूँ प्यार से हम तो हुए हैं बावरे नज़रों की मार से खंजर बनी है

मेरा कान्हा पागल हो गया गूजरियों के मेले में, किसी की मटकी फोड़ी किसी की बहियाँ मरोड़ी और डर डर

लाली की सुनके मैं आयी कीरत मैया दे दे बधाई लाली की सुनके मैं आयी कीरत मैया दे दे बधाई

कृष्ण कहने से, तर जाएगा ll *पार भव से, उत्तर जाएगा ll*l कृष्ण कहने से, तर,,,,,,,,,,,,, बोलो, हरे कृष्ण बोलो,

बांह मेरी भी पकड़ एक बार सांवरे मुझे तेरी बड़ी है दरकार सांवरे मेरी नैया है बीच बंझधार सांवरे तेरे

तोहे ऐसो मजा चखाउंगी, तू मत रिजिआवै आवे ऐसे, तू मत रिजिआवै आवे ऐसे तू मत मुस्कावे ऐसे तोहे ऐसो

रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री वृन्दावन । विहरत संग लाडली लाल, जै जै जै श्री वृन्दावन ॥ जमुना

कटी जीवन की सारी कठनाईयाँ, घूमी जो तेरी मोर छड़ी, कटी जीवन की सारी कठनाईयाँ श्याम सिर मेरा झुका तेरे