
कन्हियाँ लेकर असुवन की धार
तेरी शरण में आया दीवाना, करलो न सवीकार, कन्हियाँ लेकर असुवन की धार मैं तो हु इक दीन अनाथा, तुम

तेरी शरण में आया दीवाना, करलो न सवीकार, कन्हियाँ लेकर असुवन की धार मैं तो हु इक दीन अनाथा, तुम

सावन का महीना घटायें घनघोर आज कदम्ब की डाली झुले राधा नन्द किशोर प्रेम हिंडोले बैठे श्याम बिहारी झूला झुलाये

भजते भजते भजते भजते आ गये हम तेरे दर पे, प्रभु श्याम भजते भजते भजते, रहते है मस्त हरदम तेरा

श्याम बुलावे राधा ना आवे, आजा मेरी राधे रे अटरियाँ सुनी पड़ी, मैं कैसे आउ मेरे दादा जी खड़े है,

मैं जपु श्याम तेरा नाम बाकि तू जाने, तेरे सुमिरन मेरा काम बाकी तू जाने, तू जाने तू जाने श्याम

मेरा बाबा श्याम सारे जग से निराला है खाटू वाला श्याम मेरा बाबा श्याम सारे जग से निराला है ये

सुन सँवारे सुन सरकार खुद से भी जयदा तुझसे करते है प्यार, तू मेरा आधार तू मेरा संसार खुद से

रंगी चुनरिया लाल नाम तेरे श्याम पिया बनके जोगन डोलूं मैं गली गली तेरी पिया सांवरिया सरकार तेरा हमको सहारा

रुत बदले चाहे दिन बदले चाहे बदले सारा ज़मान मेरे श्याम बदल ना जाना भगवन बदल ना जाना कदम कदम

कभी सँवारे तू मेरे घर में आ जाना, मगर आना इस तरह तू के यहाँ से फिर न जाना, तू