
नमामीशमीशान निर्वाण रूपं
नमामीशमीशान निर्वाण रूपं, विभुं व्यापकं ब्रह्म वेदः स्वरूपम् । निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं, चिदाकाश माकाशवासं भजेऽहम् ॥ निराकार मोंकार मूलं

नमामीशमीशान निर्वाण रूपं, विभुं व्यापकं ब्रह्म वेदः स्वरूपम् । निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं, चिदाकाश माकाशवासं भजेऽहम् ॥ निराकार मोंकार मूलं

सझ धज के मुरली हाथ में थामे हुए बैठे है, वो देखो आज संवारे जादू चला रहे है, सझ धज

साडा बांके बिहारी साडा कुञ्ज बिहारी, नैन मटकावे जादू चलावे कुञ्ज बिहारी, नैना दे नाल नैन मिलावे नैन मिला के

आ जाओ सांवरिया दिल ने पुकारा दिल ने पुकारा बाबा दिल से पुकारा आ जाओ सांवरिया …………… आ जाओ बाब

कन्हैया ककन्हैया कर दो नैया पार तेरे भरोसे रह गया अब तो जीवन का ये बार, कन्हैया कर दो नैया

कब सिमरोगे राम अब तुम कब सिमरोगे राम जिवडा दो दिन को मेहमान अब तुम कब सिमरोगे राम चिंतामणि हरि

मेरा गोपाल गिरधारी ज़माने से निराला है। ना गोरा है ना कला है, वो मोहन मुरली वाला है॥ कभी सपनो

सोचता हु के हम कितने मजबूर थे, क्या से क्या हो गये देखते देखते, श्याम प्यारे ने बस युही सोगात

मत रोकिया कर रस्ता मेरा छोड़ दे मने सताना, सुन मुरली वाले घर थारे जावेगा उल्हाना, जब जाऊ मैं दही

सब जीते जी के झगडे हैं ये मेरा है वो तेरा है जब तन से स्वासें निकल गई क्या तेरा