
मैं जग दा पागल नहीं
चाहे दीवाना समजो मुझे मस्ताना समजो, ब्रिज गलियां दा पागल हा, मैं जग दा पागल नहीं श्यामा श्याम दा पागल

चाहे दीवाना समजो मुझे मस्ताना समजो, ब्रिज गलियां दा पागल हा, मैं जग दा पागल नहीं श्यामा श्याम दा पागल

निकुंजों में झूलत हमारी भानु नंदनी, सुन्दर कदम की डाली झूलो पड़ो है प्यारी, मेगन बड़े है बूंद नंदनी, निकुंजो

मेरो लाला झूले पलना, नैक हौले झोटा दीजो । नैक हौले झोटा दीजो, नैक धीरे झोटा दीजो ॥ मथुरा में

ऐना भारत सबसि बड़ी गौ माता, गौ माता निहोती तो मरी जाता, ऐना भारत सबसि बड़ी गौ माता, गौ माता

मैं तो नाचूंगी तेरे दरबार ओ मुरलीवाले रसिया ओ मुरलीवाले रसिया ओ मुरलीवाले रसिया ओ कान्हा रे कान्हा मेरा घुँगटा

बैठ मेरे कोल तैनू तक दी रवा, तक दी रवा मुहो कुछ ना कहवा, सतगुरु ने मैनु श्याम मिलाया, श्याम

ओ लाडली ओ लाडली ओ लाडली ओ लाडली, छोड़ के सब कुछ मैं बरसाने आया, चरणों में देदो जगह मैं

बल्ले बल्ले श्याम मेरा चन वर्गा, मेरी प्रीत चकोरा वाली श्याम मेरा चन वर्गा, बल्ले बल्ले श्याम नाल लिया अखियाँ ,

गिद्दे विच आये ने गोपाल गोपियों, लालो गेहड़ा सांवरे दे नाल गोपियों, ला लो गेड़ा ला लो गेड़ा, जेहड़े जेहड़े

रंग चढ़ेया मेरा श्याम सड़े ते तेरा रंग चढ़ेया, सारे जग विच चर्चा तेरा रोम रोम तू रंगियां मेरा, जाने