
आया मैं तेरे द्वार पे दुनिया से हार के
आया मैं तेरे द्वार पे दुनिया से हार के, मर्जी तेरी तू थाम ले चाहे विसार दे गैरो की छोड़ो

आया मैं तेरे द्वार पे दुनिया से हार के, मर्जी तेरी तू थाम ले चाहे विसार दे गैरो की छोड़ो

जय जय जय शारदा भवानी, लय ताल तान, स्वर सरगम ज्ञानी, जय जय जय शारदा भवानी……. वीणा वाहिनी हंस सुबाहिनी,

मैं किस्मत को क्यों कोसु जब सारे खेल तुम्हारे, किस्मत को लिखना भी तो है संवारे हाथ तुम्हारे, होगा वही

मिश्री से मीठे कान्हा जी गुड़ से मीठा राधा नाम, प्रेम भाव से जप लो तो बन जाए बिगड़े काम,

आयी है नवरात्रो की बहार नाचो रे सब झूम झूम के नाचो रे सब झूम झूम के माँ का प्यारा

लो फिर आ गए लो फिर आ गये मैया तुमको मनाने ॥ मैया के दीवाने हाए मैया के दीवाने ॥

नरम नरम लायी घाल गरम कान्हा माखन रोट मैं श्याम जिमावै जाटनी घुंघट की ओट म्ह सांवरिया करूं ओट तन

हो जाए बंद वाणी तेरा नाम रटते रटते, एक साथ यही होगा हरि नाम हम मरते मरते, तेरा नाम रटते

मधुबन जावा मैं सावरे दे नाल नी सईयो, कदे अगे कदे पीछे नालो नाल नी सईयो, सोहने नैना विच कजरे

भोला मेरा मस्त मलंगा भस्म रमा के बैठे तन पे बहे जटा में गंगा, भोला मेरा मस्त मलंगा सब देवो