
राह निहारे भक्त तुम्हारे कर जोडे
जय जय शंकरा, जय जय शंकरा , राह निहारे भक्त तुम्हारे कर जोडे तेरे द्वार, आजा महाकाल आजा, उज्जैन नगरी

जय जय शंकरा, जय जय शंकरा , राह निहारे भक्त तुम्हारे कर जोडे तेरे द्वार, आजा महाकाल आजा, उज्जैन नगरी

अब न प्यारे वकत है आराम का , आ गया लो मेला मेरे श्याम का, श्याम ध्वजा जो लहराई प्रेमी

मुझे दे दर्शन गिरधारी रे, तेरी सांवरी सूरत पे मैं वारि रे। जमुना तट हरी धेनु चरावे, मधुर मधुर स्वर

क्या कभी हमने सोचा था के ऐसा भी हो पायेगा, लोक रहेंगे घरो के अंदर कोई बाहर न जाएगा, क्या

पिंगा झुटे दाती कंजका नाल खेड़े गीटीया , सिर उते लाल चुनी कना विच झुमके, मथे बिंदी लाल कंजका नाल

एक भोली भाली कन्या, पर्वत से भक्तो आई, सिर पे उसके लाल चुनरिया, नैंनन जोत समाई, हाथो में है लाल

लाल ध्वजा लेहराये रे बाला जी की नगरिया सब संकट मिट जाए बाला जी की नगरियाँ जिस घर पे ये

सोहने जोगियाँ तेरी याद अंदर, तन मन मेरा लीरो लीर होया, रही आप दी वी न होश मेनू, ऐसा दिल

मिलती है प्रेमियों की संगत कभी कभी, चढ़ती है श्याम नाम की रंगत कभी कभी, मिलती है प्रेमियों की संगत….

भोले शंकर का लेके नाम, चलो चले अमरनाथ शिव धाम वहां शम्भू मिलेगे यहाँ भोले नाथ ने समाधि लगाई, अमर