
जय बोल बोल जय बोल बोल
जय बोल बोल जय बोल बोल शेरा वाली की जय जय बोल, मन में अमृत घोल रे भगता मन में

जय बोल बोल जय बोल बोल शेरा वाली की जय जय बोल, मन में अमृत घोल रे भगता मन में

जिनको अपनी मम्मी से प्यार है, उनके लिए ही श्याम दरबार है, मुझको घर पे तुम बुलाते हो, माँ को

उड़ जा काला कागला संवारियो आवे रे, बाबा को लयादे रे सन्देश वावला, उड़ जा काला कागला….. काली काली पाखा

मैं अब ना घोटु भांग तेरी अपने पीहर को जाऊगी, ना तेरे भगल में आउंगी, तुझको न मेरा ध्यान कति

आ श्याम शरण में प्यारे, आ श्याम शरण में प्यारे फसा क्यूँ दुनिया की, फसा क्यूँ दुनिया की उलझन में

ये सांवरा हारे का सहारा लखदातार बाबा ये श्याम हमारा ये सांवरा………….. तीन बाणधारी है लीले की सवारी है है

पहला गुरा नु ध्यावा मैं, श्री रविंदर गिरी गुरु राज जी, तहनु शीश झुकाव मैं, मैनु बाबा जी दा ज्ञान

तर्ज _ ये पर्दा हटा दो ज़रा मुखडा दिखा दो जरा ध्यान से सुनलो न घर से बाहर निकलो जरा

ऐसी जादू गरनी राधा कर गयी जादू टोना रे, राधे राधे रट तो ढोले मेरे श्याम सलोना रे, सखी रे

मोहन कहें तुम्हे कोई गिरधारी, जग के है पालन हारी कृष्ण मुरारी माखन चुराते वो तुमने है खाया, ऊँगली पे