
अरदास बाबा बालक नाथ
ॐ सीधा ऐ नमह ॐ सीधा ऐ नमह, एहो अरदास बाबा/दाता करी मंजूर मेरी, ॐ सीधा ऐ नमह ॐ सीधा

ॐ सीधा ऐ नमह ॐ सीधा ऐ नमह, एहो अरदास बाबा/दाता करी मंजूर मेरी, ॐ सीधा ऐ नमह ॐ सीधा

खाटू आले चालै इसी सरकार सै हारे के सहारे का सच्चा दरबार सै करदे लाइफ ब्यूटीफुल सै श्याम धणी मेरा

यह सचा दरबार यहां से, खाली ना कोई जाएगा बिन मांगे मिलती हैं मुरादें, झोली जो फैलायगा मन से मैल

घूम रहा सोटा हनुमान जी सारी दुनिया में, सारी दुनिया में सारी दुनिया में, घूम रहा सोटा हनुमान जी सारी

फिर क्यों बुला हरी का नाम जब वचन दिया है तूने जब वचन दिया है तूने फिर क्यों बुला हरी

किशोरी इतना तो कीजो, लाड़ली इतना तो कीजो, जग जंजाल छुड़ाए वास बरसाने को दीजो । भोर होत महलन में

खाटू आना जाना जब से बड़ गया, श्याम प्रेम का मुझे भी रंग चढ़ गया, रंग चढ़ गया रंग चढ़

साई तेरे कर्म की बरसात हो रही, बाबा तेरे कर्म की बरसात हो रही, रेहमत सवालिया पे दिन रात हो

तेरे प्यार ने कन्हैया, पागल बना दिया है । ओ जादूगर ये कैसा, जादू चला दिया है । सांसें ये

मैं करू वंदना तेरी, ओ मेरे पारसनाथ, मुझपर तो कृपा कर दो मेरे पारसनाथ, चरणों में तुमको शीश नवाऊं, नाथ