
आ जाओ सरकार दिल ने पुकारा है
आ जाओ सरकार दिल ने पुकारा है, हारे ये नैनो के तार ओजल नजारा है, फितरत ज़माने की बड़ी ही

आ जाओ सरकार दिल ने पुकारा है, हारे ये नैनो के तार ओजल नजारा है, फितरत ज़माने की बड़ी ही

श्री जी ने बुलाया है हम को तो जाना है, हम पगल दीवानों का बरसाना ठिकाना है मेरी श्यामा बुलाये

दादा का, दरबार सुहाना, लगता है ll, भक्तों का तो, दिल दीवाना, लगता है ll पल भर में, मन को,

बाबोसा के मंदिर में ,भक्त जो भी आता है बाबोसा से रिश्ता वो , पल में जोड़ जाता है धाम

साथी एक तू ही मेरा श्याम है सारा जग विनती करता, याहा ना मिला कभी वाहा न मिला तेरा ही

इक बरसाने की छोरी से मेरे लड़ गए नैना छोरी रे उस की झील सी आँखों ने क्या जादू मुझपे

श्री राधा वलभलाल शरण तेरी आयो, शरण तेरी आयो शरण तेरी आयो, कन्हिया सुनो हमारी बात, द्वार खड़ी इक पगली

मैं परदेशी हूँ पहली बार आया हूँ, दर्शन करने मइया के दरबार आया हूँ । ऐ लाल चुनरिया वाली बेटी

बोलदे माँ बोलदे मेरे सामने तू भेद सारे खोल दे क्यों दरबार न बुलाया मुझे सारी दुनिया को भेजी तूने

सिंह सवारी महिमा भारी पहाड़ो में स्थान तेरा, ब्रम्हा विष्णु शंकर भी करते माँ गुणगान तेरा, माँ कलकते से काली