
कलयुग में साँचा बाबा का नाम है
कलयुग में साँचा बाबा का नाम है, पल भर में ये करता भक्तो का काम है, इस की महिमा न्यारी

कलयुग में साँचा बाबा का नाम है, पल भर में ये करता भक्तो का काम है, इस की महिमा न्यारी

तेरा इनकार करना नही ठीक है मेरा भंगिया से नाता बड़ा नजदीक है मेरी इतनी सी बात जरा कर ख्याल

मेरे मोहन तेरा मुस्कुराना भूल जाने के काबिल नहीं है चोट खायी है जो मैंने दिल में वो दिखने के

मांगू तो क्या मांगू सँवारे तोसे सँवारे, मेरी दिल की तू सारी बाते जान ता, मांगू तो क्या मांगू सँवारे

चलो रे चलो चले चुलकाना धाम, यहाँ के कण कण में है वस्ते मेरे बाबा श्याम, याहा प्रगटे थे शीश

चा दिल दे दिल विच रह गए ने की वर्तेया बाना है, तू दर गुफा दा खोल बाबा असि दर्शन

बाबा सुन कर तुम्हारी कहानी आ गया मेरी आँखों में पानी हो गई मैं तुम्हारी दीवानी आ गया मेरी आँखों

जो स्वर्ग देखना चाहते है, वो कम्पिल जी आ जाते है, जिन प्रभु की नगरी कम्पिल जी, जिन प्रभु यहाँ

कहीं तो बेबस बिलख रहे हैं, कहीं तो तड़प रहे कहीं तो सांसो की गिनती में लाखों भटक रहे बंद

कर न सका मैं तेरी पूजा किस्मत ही कुछ ऐसी थी, जीती भाजी हार गया मैं कीमत ही कुछ ऐसी