
गोमाता की सेवा करना हर हिन्दू का कर्म है
गोमाता की सेवा करना हर हिन्दू का कर्म है, गोमाता की रक्षा करना हर हिन्दू का धर्म है, सूखे तिनके

गोमाता की सेवा करना हर हिन्दू का कर्म है, गोमाता की रक्षा करना हर हिन्दू का धर्म है, सूखे तिनके

क्यों खा रहा है ठोकर चल श्याम की शरण में मत वक़्त काट रोकर चल श्याम के शरण में क्यों

गौरा जी को भोले का योगी रूप सुहाया है, इसी लिए तप करके भोले नाथ को पाया है, कैलाश पर्वत

इक मस्त नजर डाली मस्तना बना डाला, बाबा ने जिसे चाहा दीवाना बना डाला, क्या खूब दिखाए है जुले वो

श्री गणेश मेरी सुन लेना भप्पा तू मेरी सुन लेना, जब सुबह आये या शाम आये तेरा ही सिमरन करे

दरश दीवानी म्हारी आँखड़ली सांवरा जोवा मैं तो नित थारी आँखड़ली सांवरा इक झलक दिख ला दे दिलदार संवारा या

जो है वो भुलाने के काबिल नहीं है जो है वो भुलाने के काबिल नहीं है नहीं है वो पाने

बंसी दे नाल ना मार श्यामा वे सानू बंसी दे नाल ना मार बंसी तेरे दिया मिठिया ने ताना किथों

तर्ज-कब आएगा मेरा सांवरिया प्रभु प्रेम बनाये रखना, चरणों से लगाए रखना एक आश तुम्हारी हे,विश्वास तुम्हारा हे तेरा ही

किसको मैं दर्द कहु मियां तेरे जैसा कोई हमदर्द नहीं, जिस को तू ठीक न कर सकती ऐसा तो कोई