
रूप कई नाम है हजारो
रूप कई नाम है हजारो कौन सा पुकारे बता दे मेरी माँ, एक रूप तेरा वैष्णो रानी बेठी कटरा में

रूप कई नाम है हजारो कौन सा पुकारे बता दे मेरी माँ, एक रूप तेरा वैष्णो रानी बेठी कटरा में

चंदीपुर में मेरे चमके सितारे मेरी माँ ने मुझे दिए सुख सारे इस जग से मुझको क्या लेना क्या लेना

आजा चौंकी में प्रेम रस घोल देयो माँ, खिड़की नसीबो वाली खोल देयो माँ, हमे ममता के मोतियों में तोल

सब की लाज बचावे बाबो तेरी भी सुन लेवे गो, तेरे जीवन की नैया ने बन कर माझी खेवे गो,

तुम बिन प्यासे नैना दर्श कब दोगी श्री राधे बैठी तेरी आस लगाये, तुम बिन अब तो जिया न जाए,

मैं हु किस्मत की मारी ठोकर खा खा के हारी, घाटे वाले बाबा जी मैंने ले ली शरण तुम्हरी, चरणों

जिनका दिल मोहन की चौखट का दीवाना हो गया इस जहाँ से दूर उनका आशियाना हो गया कर लिया दीदार

भगावा वाला दिन है चड़ेया दाती मेरी ने कर्म है करेया, दिति खुशिया दी सौगात रोनका लागियां ने, आई जागे

चलो दर पे बुलावा माँ का आया है झंदेवाली ने दर पे बुलाया है मुझे मैया जी ने दर पे

चोकड़ी वे चोकड़ी कर बाबा की नौकरी, बारी बरसरी ख़टन गया सी खाट के ले आंदा कासा, साईं मुझे दर्शन