
शृंगार तेरा लखदातार किसने किया रे
शृंगार तेरा लखदातार किसने किया रे, सिर मोरछड़ी प्यारी लागे मन मोह लिया रे, शृंगार तेरा लखदातार किसने किया रे

शृंगार तेरा लखदातार किसने किया रे, सिर मोरछड़ी प्यारी लागे मन मोह लिया रे, शृंगार तेरा लखदातार किसने किया रे

सँवारे सलोने तेरे नैन कजरारे, इन में ना जाने कही खो गया है मेरा दिल, इनमे ना जाने कही खो

मिल गए जो आप भगवन हमें, खुशीयो से भरा जहां मिला, है पाँव नहीं धरती पर उड़ने को खुला आसमान

जगमग जगमग चमके दरबार मईया दा सची नूरी ज्योत विचो जय हो कर लो दीदार मैया दा, जगमग जगमग चमके

मेरी लाडली अब हम पे सदा तेरी रहमत की बरसात रहे तेरी रहमत की बरसात रहे मेरे दिल में तेरी

मंगल मूरति मारुती नंदन सकल अमंगल मूल निकंदन पवन तनय संतन हितकारी हृदय विराजत अवध बिहारी मात पिता गुरु गणपत

रोम रोम में राम है जिनके हर गुण जो नित गाये, संकट मोचन राम लला के प्यारे भक्त कहाये, जय

क्यों सजते हो कन्हैया तुम तेरा दीदार काफी है हमें दीवाना करने को नज़र का वार काफी है क्यों सजते

मेरा श्याम वसा मेरे दिल में, धड़कन बन कर ये धड़कता है, परछाई जैसे संग चले, मेरा श्याम सदा संग

तेरे सिवा कौन बाबा जग में हमारा है तू ही तो है मालिक मेरा तू ही तो सहारा है तेरे