
साई तूने सबको सौगात दे दी
साई तूने सबको सौगात दे दी, दिन के साथ तूने इक रात दे दी साथ साथ देदी, तूने सूरज में

साई तूने सबको सौगात दे दी, दिन के साथ तूने इक रात दे दी साथ साथ देदी, तूने सूरज में

सँवारे मेरी कलाही थाम लो एक बर, गिर पडू न मैं अकेला ओ मेरे दिलबर, जग जंजाल में भटक रहा

प्रभु का है जिसने भरोसा किया तूफानों में भी जलता उसका दिया दर दर क्यों भटके अरे बावरे आजा शरण

बने है याहा मंदिर घर घर में वसे है यहाँ राम जी कण कण में अरे दुनिया में सुंदर नाम

जैसे पर्वत से झरने झर झर झर झरते आये मीठी आवाज सुनाये हम भी तो गुन गुनाये हरी का नाम

किस रूप में आउगे कब दर्श दिखाओ गे, साईं राम साईं श्याम साईं राम साईं श्याम किस रूप में आउगे

आया सावन आया भोले नाथ ने भुलाया रे गूंजे बम बम की जयकारे, रे चालो रे चालो चालो रे हरिद्वार,

बैठे है सजधज के हां देखो जी खाटू वाले मोटे मोटे नैना है काले काली काली काजल है डाले, केश

जिथे जिथे देख्या माँ तेरा रूप देख्या, तेरा रूप देख्या माँ तेरा रूप देख्या, जिथे जिथे देख्या माँ…. जगदियाँ ज्योता

जन्म लियो गोकुल में गोपाल, बिरज में खुशियां है छाईं, खुशियां है छाईं ब्रिज में खुशिया है छाई, छवि सलोनी