
नाचेगे नचाएंगे अब तो हम
नाचेगे नचाएंगे अब तो हम शगन मनाये गे मैया की मेहर बरसी खुल जम कर के बरसी, खुशिया झालकाए गये

नाचेगे नचाएंगे अब तो हम शगन मनाये गे मैया की मेहर बरसी खुल जम कर के बरसी, खुशिया झालकाए गये

आजा हारावलिया उडीका मैनु तेरिया, कदो गल्लां होंगिया तेरिया ते मेरिया, बार बार वेखा तेरी सोहनी तस्वीर नु, आंके जगा

साई पिया बुलाये चलो शिरडी चले, जोति दिल में जगाये दिल में चले, साई पिया, राह में कोरहा गना हो

मुझको भी करदे खुशहाल मेरे भोले बाबा कब तक रहूगा इस हाल, मैंने सुना के तू दयालु बड़ा है, जिस

अरिहंत जय जय सिद्ध प्रभु जय जय । साधू जीवन जय जय जैन धर्म जय जय ॥ अरिहंत मंगल सिद्ध

जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया गाडी निकल गयी

कहा ढूंढ रहा मूरख उसको ये साई वसा हर मन में, हर मन में वसा कण कण में वो तो

मांगी जो मुराद सदा दर से तेरे पाई है, फिर इक बार मैंने झोली फैलाई है, जब भी पुकारो सब

राम रमैया कृष्णा कन्हैया भजले राम रमैया, कृष्णा कन्हैया, भजले राम रमैया, भजले कृष्णा कन्हैया पार लगे तेरी नैया, जाने

मुरली वाले ने ऐसा कर्म कर दिया, अब किसी के कर्म की जरुरत नही, नैनो से नैना मिला हम उनके