
तेरी चुनरी जब लहराए
तेरी चुनरी जब लहराए मधुवन में बहारे आती है, तू बंसी जब भी बजाए सुन सखिया खिची चली आती है,

तेरी चुनरी जब लहराए मधुवन में बहारे आती है, तू बंसी जब भी बजाए सुन सखिया खिची चली आती है,

दीपावली मनानी सुहानी मेरे साईं के हाथो में जादू का पानी, शरधा का दीपक भगती की ज्योति, सत्य प्रेम की

हे माँ जगजानी हे जगजानी, हे माँ कल्याणी हे माँ वरदानी, ओ माँ ओ माँ जय माँ जय माँ, तुम

तू राधे राधे बोल रे नाम अनमोल रे, मिले गा सांवरिया हिरदये पट खोल रे, ममता मई करुणा मई चारी,

पल पल दाती पल पल दाती, तेरा याद आये हरपल दाती, तेरा हुकम हॉवे ते मैं आवा, जा आजा मेरे

भोले बाबा तेरे दर पे कैसे आऊं मैं कोरोना में कैसे तेरी कांवड़ लाऊं मैं भारत में लगरा सै बाबा

मेरे श्याम इक तुम ही सहारा हारे का सहारा तुम हो, तेरे होते क्यों फिरू मैं मारा मारा हारे का

कन्हिया कन्हियाँ तुझे आना पड़ेगा वचन गीता वाला निभाना पड़ेगा गोकुल में आया मथुरा में आ, छवि प्यारी प्यारी कहीं

मेरे बाला मेरा गुजारा तेरे हाथ है तू जब बोले मेरा दिन है तू जब बोले मेरी रात है, मेरे

फलक से सांवरे को आज जो भी देखता होगा किया शंगार फूलो से है किसने सोचता होगा फलक से सांवरे