
भोले भंग पियोगे
सुन ले रे भोले ये बात हमारी, भोले भंग पियोगे या दम लगाओगे, भोले भंग पियोगे या दम लगाओगे, भोले

सुन ले रे भोले ये बात हमारी, भोले भंग पियोगे या दम लगाओगे, भोले भंग पियोगे या दम लगाओगे, भोले

लक्षमण और सीता के संग वन को जाते राम | दर्शन प्यासी भीलडी जोत रही बाट ॥ चित्रकूट के घाट

चली राम नाम की गाड़ी , चली राम नाम की गाड़ी चार ड्राइवर एक सवारी पैदल दुनिया सारी नेकी बदी

मौजां रखी दातिए मेरी मौजां रखी माँ लाई चरनी तू रख मैनु करि ना माँ वख लड्ड फड़ेया माँ तेरा

मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए। बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥ राह तकत के

मैं तो तेरी दीवानी हो गई रे, श्याम तेरे प्यार में खो गई रे, मंने जान से राधे प्यारी तू,

चढ़ गई साहनु नाम दी मस्ती चढ़िया खुमारिया, किरपा माँ चिंतापुरनी मौजा जो सारिया, चढ़ गई साहनु नाम दी मस्ती

मैंने मेहंदी लगाई रे कृष्ण नाम की, मैंने मेहंदी लगाई रे श्याम नाम की, हो मेरी चुनी में कृष्ण मेरी

जब कोई न था हमारा और पास नहीं था किनारा, जब हार गया इस जग से बाबा ने दियां सहारा,

रो रो कर फ़रयाद कर रहा हां, श्याम मिजाजी आजा रे, लख दातार कुहावे है तू, दातारि दिखला जा रे,