
मोहन मोहन मोहन पुकारु गलियों में
मोहन मोहन मोहन पुकारु गलियों में तुम को ढूंडा है मथुरा की गलियों में मोहन मोहन मोहन पुकारु गलियों में

मोहन मोहन मोहन पुकारु गलियों में तुम को ढूंडा है मथुरा की गलियों में मोहन मोहन मोहन पुकारु गलियों में

लाखो दानी देखे लेकिन तेरी अलग कहानी भोले दानी बाबा भोले दानी भोले दानी जय हो भोले दानी तुमने कोई

किवे मुखड़े तो नजरा हटावा, के तेरे विचो रब दिसदा, जी करदा ऐ तेनु देखि जावा, के तेरे विचो रब

मैं ता तकया भरोसा इक तेरे नाम दा, पल्ला तेरे पीछे दिता छड़ मैं जहां दा, मैं ते कर्म कमाया

ना लंबरगिनी औडी ना फरारी चाहिए मुझको तो मेरे श्याम की बस यारी चाहिए शाम सवेरे खाटूवाले लेता हूँ तेरा

हे कान्हा मोहे, बहुत सतावत तोरी अंखिया, चहुँ दिस में कहूँ ठौर नाही मोहे , मोरे पीछे पीछे आवत

हो बाबा सिंदूरी रंग मत न लगावे तेरे नजर लाग जा गी, रे सिंदूरी रंग मत न लगावे नमक मिर्च

श्री भागवत भगवान की है आरती, पापियों को पाप से है तारती, ये अमर ग्रन्थ ये मुक्ति पन्थ, ये पंचम

भोले नाथ सिया छोड़ो मोरी बहियाँ, मानु न थारी बात पी हर जावन दे, सुन भोले जोगियां न घोटु तेरी

मेरी जिंदगी में देखो क्या कमाल हो गया मेरी जिंगदी का साई हम राज हो गया मेरा देवा मेरा साई