
चमक उठे गी किस्मत
चमक उठे गी किस्मत भगता मेरे इस घर आंगन, साई पधारेगे तो कुटियाँ महल बने गी निर्धन की, चमक उठे

चमक उठे गी किस्मत भगता मेरे इस घर आंगन, साई पधारेगे तो कुटियाँ महल बने गी निर्धन की, चमक उठे

शिर्डी वाले की मुझपर नजर हो गई, मुझको दर पे भुलाया मजा आ गया, तूने सब कुछ किया और इतना

मेरी जल्दी से बिगड़ी बनाओ साई बाबा न देर लगाओ, साई बाबा न देरी लगाओ, सिर हवा ने उठाया हुआ

साई के दीवानो को अब जशन मनाने दो, बाबा को आना है महफ़िल को सजाने दो, साई के दीवानो को

हे जगत के पालनहारी तू सुन ले बात हमारी, जो भी तेरे द्वारा आया, पूरी कर दी मन की आशा,

पडू होठो से तेरा मैं कलाम साईं जी, तुझे सजदा करू मैं सलाम साईं जी, तूने रहमतो की है वरसात

साईं तेरे दर आ बेठे है अब तो दर्श दिखाओ, दर्शन की प्यासी तरसे है अखियाँ इनकी प्यास भुजाओं, अब

मैं दीवानी हु बाबा तेरी,तेरे हाथो में तकदीर मेरी, तूने पानी से दीपक जलाये पते नीम के शहद बनाये, बस

साई नाम साई नाम नाम साई नाम साई नाम, जपले जपले जपले बंदे नाम आएगा काम काम, साई नाम साई

साई वे साई साडा मान रखना दुनिया दे विच साड़ी शान रखना, हर वेले कोल रह के कोल रखना मीठी