
ये रूप भोलेनाथ का निराला
ये रूप भोलेनाथ का, निराला मेरे नाथ का, ये तीन तीन नैना नैना त्रिलोकी नाथ के, प्यारे है भोले नाथ

ये रूप भोलेनाथ का, निराला मेरे नाथ का, ये तीन तीन नैना नैना त्रिलोकी नाथ के, प्यारे है भोले नाथ

जटाधारी भोले भंडारी, हमने देखि है तेरी लीला देखि महिमा तेरी न्यारी, जटाधारी भोले भंडारी, काँधे पे कावड़ बाँध के

तन ते भस्म रमा ली अपने भगता न सोग्ता तेरियां, क्या बात महादेव तेरियां क्या बाता, सूखा दे गफे जद

किसी को भांग का नशा है मुझे तेरा नशा है, भोले ओ शंकर भोले मनवा कभी न डोले, नस नस

शिव तो ठहरे सन्यासी, गौरां पछताओगी ll भटकोगी वन वन में, घर नहीं पाओगी शिव तो ठहरे सन्यासी,,,,,,,,,,,,,, गौरां तेरे

मैं शिव खोड़ी में जावा शिव जी को मन से ध्यावा, शिव जी को मन से ध्यावा शिव के दर्शन

हे शिव शंकर परम मनोहर सुख बरसाने वाले, दुःख टालते भव से तार ते शम्भू भोले भाले, हे शिव शंकर

हे बाबा बाबा हे भोले नाथ बाबा, जैकारा तेरा बोलू हे बोले बाबा. हे बाबा बाबा हे महादेव बाबा हे

करे भोले की बदनाम बंग है नशा दुनिया करे से, चस्का अपना ही अपना रंग है नशा दुनिया करे से,

आज दूल्हा बने बम बम भोले आज दूल्हा बनें बम बम मथे देखो सोहे चंदा और जटा में राजे गंगा,