
ना घोटु भंगियाँ भोले नाथ
वारिश हो रही मंदी मंदी पुरवा चल रही ठंडी ठंडी, है मौसम काफी मस्त मिजाज पीला दे भंगियाँ गोरा आज,

वारिश हो रही मंदी मंदी पुरवा चल रही ठंडी ठंडी, है मौसम काफी मस्त मिजाज पीला दे भंगियाँ गोरा आज,

भांग मत पीवे भोला नाथ आज तने जयदा चढ़ जा गई, ओ गोरा भांग की सुन करा मात पीला दे

नील कंठ के दर्शन करता कावड़ियों का टोला, बम बम बोल रहा भोला, देख नजारा हरिद्वार का भगतो का मन

आया कवाड का मेला मुझे भूली दुनिया दारी रे, मुझे भोले के नाम की मस्ती चढ़ गई मस्ती चढ़ गई

कावड़ का मेला आया रे भोले का जादू छाया रे, नील कंठ पे जाके सारे धूम मचावा गे, कावड़ लयावागे

बम बम भोले बोल जोगियां बम बम भोले, भोले शंकर कदे कताई तीजा नेत्र खोले, बम बम भोले बोल जोगियां

खुल गये पट अमरनाथ के दर्शन को भगतो चलो, बाबा बर्फानी के दर से झोली सब भरने चलो, खुल गये

मैं तेरे द्वार भोले नाथ फिर से आई हु, तेरे दरबार से ही सब कुछ मैं तो पाई हु, मैं

गुज्जरा दे छोरे चले भोले नू मानौंन कावड उठा के कंधे सर नू झुकौन गुज्जरा दे गुज्जरा दे गुज्जरा दे

ला कर गंगा जल शिव भोले को नेहलायेगे, चल कांवड़ियाँ चल भोले की कावड़ लाये गे, कावड़ियों की बन गई