
पहाड़ो पे रेहन बसेरा है तने पूजे दुनिया सारी है
मेरी भगति है तेरी शक्ति है, तेरी जग में महिमा प्यारी है, पहाड़ो पे रेहन बसेरा है तने पूजे दुनिया

मेरी भगति है तेरी शक्ति है, तेरी जग में महिमा प्यारी है, पहाड़ो पे रेहन बसेरा है तने पूजे दुनिया

मेरी कावड़ को करो स्वीकार तुम, हे तिरलोकी भोले नाथ जी, लाखो दर पे कावड़िया आये है, भोले बोले की

सज धज भोले भंडारी आये है, नंदी पे सवारी विशधारी आये है, आई भोले की बारात ऋषि देव घन साथ,

भांग घोट मैं तो मंदिर में गई थी, भगति जननु में यु मन रस गया, भोला भंडारी मेरे मन वस्

भांग पीन दे सिवा बता दे भोले के से काम तने, इक दो लोटे प्यावे से की भर के पिया

उठ ते ही मांगे भांग ये भोला मस्त नशा में डोले, यु रोज भांग घुटवावे डमरू पे मोहे नचवावे, हे

हल्दी लगाओ चन्दन लगाओ जल से स्नान कराओ फूलों की तुम माला लाओ चंदा इनके माथे सजाओ नंदी बुलाओ उसको

कंधे पे कावड़ उठा लीजिये सावन का असली मजा लीजिये, दो घुट भंगियाँ चढ़ा लीजिये सावन का असली मजा लीजिये

भोले की निकली टोली मिरग शाला कमारियाँ बाँध के, मस्ती में सब ही झूमे लागे लेके डमरू हाथ में, बाबा

शिव है बड़ा मतवाला मेरा शिव है बड़ा मतवाला, मैं फेरु शिव की माला मेरा शिव है बड़ा मतवाला, ना