
आ गिया दरबार संगता आ गिया
आ गिया दरबार संगता आ गिया, चरणी माँ दे शीश निभा के, गल विच माँ दिया चुनिया पाके, महारानी ध्यान

आ गिया दरबार संगता आ गिया, चरणी माँ दे शीश निभा के, गल विच माँ दिया चुनिया पाके, महारानी ध्यान

जै मैं होन्दा दाती ये मौर तेरे बागाँ दा, तेरी बागी पहलाँ पांदा, तेनू नच्च के वखान्दा, हो तेरे रज्ज-रज्ज

अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली, तेर ही गुण गायें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी

आई मैं तोरे अंगना माँ भवानी, आई मै तोरे अंगना माँ भवानी, पड़ी है संकट में हो, पड़ी है संकट

अम्बे कहा जाये जगदम्बे कहा जाये, बोल मेरी माता तुझे क्या कहा जाये, मैंने सोने का टीका बनवाया, लेकिन मइया

जप लो नाम प्यारा, शेरां वाली दा, शेरां वाली दा, ज्योता वाली दा, माता नजर महर दी पावे, दाती नजर

सकती माई मुंगेली के ,उतंगम पीपर जरवामा, अंजनी के लाला सबके दुलारा, बइठे मंदिर चवरामा, बड़ा ग़रीबीन बुढ़िया ल दाई,सपना

पकड़लो हाथ जगदम्बे नहीं तो डूब जाउंगी तुम्हारा कुछ न बिगड़ेगा, मैं अपनी जान दे दूंगी तो बैठी शेर पे

लाल चुनरिया ले गयी रे मै तो मैया के मंदिर में द्वारा मैया मनसा का कितना सुन्दर है भवन तेरा

भर भर प्याला पी ले मैया के नाम का सब रंग फीके है दुनिया के भगती रस है काम का