
तेरी भोली सूरत मन भावे है
तेरी भोली सूरत मन भावे है मैया जी मेरे मन भाई मेरे मन में समाई तेरी भोली सूरत मन भावे

तेरी भोली सूरत मन भावे है मैया जी मेरे मन भाई मेरे मन में समाई तेरी भोली सूरत मन भावे

आ जाओ कर लो तयारी चिठ्ठी मैया जी दी आई मेला भवना ते लगेया बुलावे महामाई ढोल वजदे ते गूंजदे

चुनरिया माँ की रेशमी कोई गोटा लगाओ रे हो मैया रानी आ गयी जयकारा लगाओ रे चनरिया माँ की रेशमी

सची ज्योत विचो कर लो दीदार माई दा, आओ लै लो जिहने लेना ऐ प्यार माई दा सची ज्योत विचो

मैं बछड़ा तेरे दर दा नि माये मैया आन डिगा दर तेरे कुल दुनिया दी मालिक तुहियो मैया भाग जगा

किसने सजाया*, तेरा भवन xll “बड़ा प्यारा लागे, बड़ा सोहना लागे” xll ये हार गुलाबी ( मईया जी ) किसने

जयकारा माँ काली कलकत्ते वाली का जय हो कलिका माई कलिका जय हो कलिका माई कलिका काली माँ काली कालिके

मंदिरा विचो बोल नि माये दुःख सुख मेरे फोल नी माये जावा ता मैं जावा माये जावा केहड़े चावा नाल

मांगता ना सोना चांदी बांगला मैं कार जी मेहनत का मांगै सै फल मैया जमीदार जी खेता के महा बीतै

टूटा फूटा सा घर एक बनाया उस में तेरा माँ मंदिर सजाया मंदिर में माँ मूर्ती बिठा कर सच्चे दिल