
मैं करनियां ने दो गल्लां
मैं करनियां ने दो गल्लां अज माये तेरे नाल नी मैं घर आवा तू लुक जावे, दस केहड़ी ग्लो रूस

मैं करनियां ने दो गल्लां अज माये तेरे नाल नी मैं घर आवा तू लुक जावे, दस केहड़ी ग्लो रूस

तेरे कदमो में माँ मिल गई जब जगह, और कुछ मांगे ने की जरूत नही, तेरी सूरत वसी दोनों नैनो

तेरे दर्श की प्यासी हैं अखियाँ, दे दे मैया दीदार हमें॥ इक बार तू अपने मुख से मां, अपना कह

कबूतर ले जा रे मैया की लाल चुनरियाँ मैया की लाल चुनरियाँ कबूतर कबूतर ले जा रे मैया की लाल

मात नर्मदे हर हर मात नर्मदे,मात नर्मदे हर हर मात नर्मदे मां रेवा तेरी निर्मल धार बहती जाए, भगतों का

आके दर्श दिखा दे आजा मैया मेरी बिगड़ी बना दे बिगड़ी बना दे मेरे भाग्य जगा दे आजा मैया मेरी

जैसा चाहो मुझको समजना बस तुमसे माँ इतना है केहना, मांगने की आद्दत जाती नही तेरे आगे लाज मुझे आती

कलकता की काली माई जय भवानी हो हवन करे है मैया तेरे द्वार में अहो देवी काली खप्पर वाली जय

भक्तो का सहारा है मेरी कालका देवी माँ दुखियो का गुजारा है मेरी कालका देवी माँ भक्तो का सहारा है

अनुपम कन्या रूप सलोना वैष्णो उसका नाम है सतसंघ पर्वत पर रेहती त्रिकुट घाटी पर धाम है जय जय वैष्णो