
सँवारे संजन की मैं बनु गी दुलहनियाँ
सँवारे संजन की मैं बनु गी दुलहनियाँ, बनु गी सजानियाँ मैं बनुगी दुल्हनियां, सँवारे संजन की मैं बनु गी दुलहनियाँ,

सँवारे संजन की मैं बनु गी दुलहनियाँ, बनु गी सजानियाँ मैं बनुगी दुल्हनियां, सँवारे संजन की मैं बनु गी दुलहनियाँ,

देखो देखो वो देखो उधर से साई बाबा चले आ रहे है, अपने भगतो की फरयाद सुन के साईं बाबा

हे श्याम तेरी बंसी पागल कर जाती है, मुस्कान तेरी मीठी घायल कर जाती है। सोने की होती जो, ना

तू आ जा माँ, बड़े चिर तो, लगी ऐ आस दर्शन दी॥ हैं अखियाँ नू वी हर वेले, लगी ऐ

मेरा तन मण खोया जाये जब जब बाजे तेरी मुरलिया, मेरी सुध बुध सब बिसराए जब जब बाजे तेरी मुरलिया,

छोटी सी कुटिया है मेरी बाला जी तुम आ जाना रुखा सुखा दिया है मुझको उसका भोग लगा जाना छोटी

मेहंदीपुर वालों बाबा को जग में परचम लहरावे से, भगता को काम बनावे से, उसको न रेहवे कोई फ़िक्र जो

उड़े उड़े अभीर गुलाल फागण आयो रे, खाटू में मची धमाल फागण आयो रे फागण आयो रे, होली खेलु गा

दिल दीवाना ढूंढ़ता भगतो के पाले में, मुझको कन्हियाँ मिल गया खाटू के मेले में, में वो साथ रहता है

मथुरा मैं जाकर मनमोहन तुम मुरली बजाना भूल गये मुरली का बाजना भूल गये गाऊऔ का चराना भूल गये क्या