
आया है आया है पहली बार भुलावा माँ का आया है
आया है आया है पहली बार भुलावा माँ का आया है, चलो रे चलो दरबार माता ने भुलाया है, बेबस

आया है आया है पहली बार भुलावा माँ का आया है, चलो रे चलो दरबार माता ने भुलाया है, बेबस

रिद्धि सिद्धि का देव निराला, शिव पारवती का लाला, सदा ही कल्याण करता मेरा देव है मंगल कारी सभी के

नी मैं सोवां ते जगांदियाँ ने तेरियां यादां ॥ नि मैं जगा ते सतान्दियाँ ने तेरियां यादां, साडा दिल सारी

चलो माँ का करे शिंगार नवराते आये है, चलो माँ के नवराते आये है, चलो माँ का करे दीदार नवराते

सदा गुफा वाले जोगी नाल प्यार होर साहनु की चाहिदा, एहना दिता ओहने दिता न संभाल, सदा गुफा वाले जोगी

जब से बाबा के दर पर हम जाने लगे, हर ख़ुशी मिल गई देखते देखते, कल तलक एक राह न

साई के दरबार में जब गया मैं पहली वार था, मेरे लिए वो दिन तो जैसे सबसे बड़ा त्यौहार था,

रात श्याम सपने में आए, धाइया पी गये सारा रारा सारा रारा, रात श्याम सपने में आए, जब श्याम मेरी

राधा ऐसी भयी श्याम की दीवानी, की बृज की कहानी हो गयी एक भोली भाली गौण की ग्वालीन , तो

राधा भी दीवानी तेरी मीरा भी दीवानी, कान्हा तेरे प्यार में रंग ली है जिंदगानी , राधा भी दीवानी तेरी