
हो मैया कन्हियाँ छेड़े है मुझको
पनघट पे मुझको छेड़े फोड़े वो मटकी मेरे, क्या बताऊ मैं उसकी करतूत तुझको हो मैया कन्हियाँ छेड़े है मुझको

पनघट पे मुझको छेड़े फोड़े वो मटकी मेरे, क्या बताऊ मैं उसकी करतूत तुझको हो मैया कन्हियाँ छेड़े है मुझको

क्या क्या कमाया हमने आओ हिसाब करले, दुनिया की बात छोड़े अपनी किताब पढ़ ले, कितनो का दिल दुखाया कितनो

मांगने वाले मांग साईं दर से, साईं भंडार में क्या नही है, मांगने वाले मांग साईं दर से, साईं है

शिरडी की गालिया देखो जन्नत का नजारा है, साई का कर्म हो तो कट ती है मुश्किलें भी, जिस ने

मेरी सौतन बनगई रे बांसुरी तेरी बांसुरी तेरी , अगर तुम ना सुनोगे श्याम कौन सुनेगा विनती मेरी, मेरी सौतन

तुम मीरा बनो तो तुम सबरी बनो तो, प्रभु आएंगे राम श्याम बन कर, भीख भक्ति की प्रभु जी से

बाबा तुझे कोई कहे डमरुधारी, कोई त्रिपुरारी ऐ बाबा, कोई तुमसा न कोई दानी, नहीं दूजा कोई तुमसे सानी बाबा…….

तेरे दरबार से मैं तेरे सिवा मांगू भी क्या तुझसे वेहतर तेरे दरबार में और भला रखा भी है क्या,

!! भगता के सागे कीर्तन में खाटू वालो !! भगता के सागे कीर्तन में, खाटू वालो नाच रहयो..२ ठुमक –

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी, तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी। मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को, उज्ज्वल