
कोई दिकत नही है
घाट घाट का पानी पी कर देश विदेश में रेह कर जी कर पोहंचा माँ के द्वार के अब कोई

घाट घाट का पानी पी कर देश विदेश में रेह कर जी कर पोहंचा माँ के द्वार के अब कोई

हार की कोई चिंता नहीं पग पग होगी जीत, लगी रे मेरी सांवरिया से प्रीत, श्याम श्याम को नगमा गाये

अर्जी कर दी सांवरिया इ पर छाप लगा दयो जी, छाप लगादो छाप लगादो छाप लगा दयो जी, अर्जी कर

राधे कृष्णा नु समझा ले वाजा मार मार के वाजा मार मार के,वाजा मार मार के जे मैं मंदिर जानी

ऐ श्याम फिर याद आगयी मधुबन वो वृंदावन तेरा, कुछने कहा वहां कौन है हमने कहा दिलवर मेरा, इस कलियुगी

करते है कीर्तन बाबा रोज तेरे नाम का, सुन लो पवन सूत अर्ज हमारी, मंगल का दिल हो बाबा चाहे

तुम्ही राम मेरे कन्हिया तुम्ही हो, जीवन की नैया के खिवैयाँ तुम्ही हो, जिधर देखता हु नजर तुम्ही आते सभी

दीप जगे हर घर में हर घर में मने दीवाली हाथ जोड़ अरदास गुरु जी बक्श देयो खुशहाली दीप जगे

बाबा जो तू मेरे घर आवे आके मने गले से लगावे, तो तेरी मेरी पक्की है जायेगी, तेरी आज जयंती

पिलादे श्याम नाम की मस्ती ॥ पीने वाले धाम ना पूछे, मेहंगी है या सस्ती, पिलादे श्याम नाम की मस्ती