
भगवान मुझे भी बुला लो
बहुत समय पहले की बात है। पुरी से बहुत दूर एक गांव में विदुर नाम का एक गरीब किसान रहता

बहुत समय पहले की बात है। पुरी से बहुत दूर एक गांव में विदुर नाम का एक गरीब किसान रहता

श्रीरामचरितमानस- सुंदरकाण्ड दोहा चौपाई-जामवंत कह सुनु रघुराया।जा पर नाथ करहु तुम्ह दाया।। ताहि सदा सुभ कुसल निरंतर।सुर नर मुनि प्रसन्न

एक बादशाह सर्दियों की शाम जब अपने महल में दाखिल हो रहा था तो एक बूढ़े दरबान को देखा जो

मंगला गौरी स्तोत्र देवी पार्वती जी के मंगलमयी स्वरूप- मंगला गौरी- को समर्पित एक अत्यंत शक्तिशाली और मंगलकारी स्तोत्र है।

श्रीरामचरित मानस (बालकाण्ड) दोहा-बिप्रकाजु करि बंधु दोउ मग मुनिबधू उधारि।आए देखन चापमख सुनि हरषीं सब नारि।। दोनों भाई ब्राह्मण विश्वामित्र

अयोध्या के चक्रवर्ती सम्राट रघु ने ही ‘रघुकुल’ या ‘रघुवंश’ की नींव रखी थी। रघुकुल अपने सत्य, तप, मर्यादा, वचन
। शिव ताण्डव स्तोत्र (शिवताण्डवस्तोत्रम्) परम शिवभक्त लंकापति रावण द्वारा गाया भगवान शिव का स्तोत्र है, मान्यता है कि एक
जब प्रेम सच्चा हो, तो भगवान स्वयं वस्त्र पहनने आते हैं। त्रिपुरदास जी ब्रजभूमि के शेरगढ़ में एक राजा के

हरि ॐ तत् सत् जय सच्चिदानंद तुम अकेले क्या कर सकते होसृष्टि हमेशा दो में होती है तुम्हारे भीतर शक्ति
एक समय की बात है गुरु और शिष्य किसी गांव से गुजर रहे थे थोड़ी दूर चलने पर गुरू जी