
वामन भगवान
परमात्मा जब द्वार पर पधारते हैं, तो तीन वस्तुएँ माँगते हैं तीन कदम पृथ्वी अर्थात् तन,मन और धन, इन तीनों

परमात्मा जब द्वार पर पधारते हैं, तो तीन वस्तुएँ माँगते हैं तीन कदम पृथ्वी अर्थात् तन,मन और धन, इन तीनों

हजार फणों वाले शेषनाग भगवान श्रीहरि के परम भक्त हैं।वे अपने एक हजार मुखों और दो हजार जिह्वाओं (सांप के

एक असुर था, दम्बोद्भव। उसने सूर्यदेव की बड़ी तपस्या की। सूर्य देव जब प्रसन्न होकर प्रकट हुए और वरदान मांगने

जीवन में सफलता की कुंजी है ‘सिद्ध कुंजिका’- दुर्गा सप्तशती में वर्णित सिद्ध कुंजिका स्तोत्र एक अत्यंत चमत्कारिक और तीव्र

इस मंत्र का जप पुष्य नक्षत्र एवं शुक्रवार में अवश्य करें। यह भगवती महालक्ष्मी की कृपा प्राप्ति का एक महत्वपूर्ण
जीवन का अंतिम सत्य भगवान राम जानते थे कि उनकी मृत्यु का समय हो गया है। वह जानते थे कि

महाभारत के अनुसार परीक्षित अर्जुन के पौत्र, अभिमन्यु और उत्तरा के पुत्र तथा जनमेजय के पिता थे। जब ये गर्भ

सूर्य पुत्र कर्ण ने श्री कृष्ण भगवान से कहा … तो क्या ये आप का न्याय है . क्या इसी

।। ।। भगवान् शिव से बड़ा कोई भगवान विष्णु का भक्त नहीं और भगवान् विष्णु से बड़ा कोई शिव का

जय सच्चिदानंद। प्रात: स्मरामि हृदि संस्फुरदात्मतत्त्वंसच्चित्सुखं परमहंसगतिं तुरीयम्।यत्स्वप्नजागरसुषुप्तिमवैति नित्यंतद्ब्रह्म निष्कलमहं न च भूतसंघ:।।१।। भावार्थ-मैं प्रात:काल, हृदय में स्फुरित होते हुए