
हनुमान जी को हजारों साल तक अमर रहने का वरदान क्यों मिला था ? जानिए
!! जय श्री राम !! हनुमान जी को हजारों साल तक अमर रहने का वरदान क्यों मिला था ? जानिए

!! जय श्री राम !! हनुमान जी को हजारों साल तक अमर रहने का वरदान क्यों मिला था ? जानिए

एक बार यमराज ने अपने यमदूतों से प्रश्न किया, “क्या कभी प्राणियों के प्राण लेते समय तुम्हें किसी पर दया

विनियोगॐ अस्य श्री हनुमान् वडवानल-स्तोत्र-मन्त्रस्य श्रीरामचन्द्र ऋषिः,श्रीहनुमान् वडवानल देवता, ह्रां बीजम्, ह्रीं शक्तिं, सौं कीलकं,मम समस्त विघ्न-दोष-निवारणार्थे, सर्व-शत्रुक्षयार्थेसकल-राज-कुल-संमोहनार्थे, मम समस्त-रोग-प्रशमनार्थम्आयुरारोग्यैश्वर्याऽभिवृद्धयर्थं

किसी गाँव में एक भाट व एक जाट रहता था, दोनों में घनिष्ठ मित्रता थी. एक बार जाट अपनी बहन

मां तुलसी पूजन, तुलसी विवाह एवं कार्तिक माह में मां तुलसी की आरती सबसे अधिक श्रवण की जाती है। तुलसी

आदि लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु परब्रह्म स्वरूपिणि ।यशो देहि धनं देहि सर्व कामांश्च देहि मे ।। सन्तान लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु पुत्र-पौत्र प्रदायिनि ।पुत्रां

“ॐ ह्रीं श्रींं ऐं क्लीं सौ: श्रीभद्रलक्ष्म्यै नमः।” श्रीदेवी प्रथमं नाम द्वितीयममृतोद्भवा।तृतीयं कमला प्रोक्ता चतुर्थं लोकसुन्दरी।।१।। पञ्चमं विष्णुपत्नी च षष्ठं

धन के अधिपति कुबेर को धनतेरस (त्रयोदशी) के दिन पूजने के विशेष महत्व है। पृथ्वीलोक की समस्त धन संपदा के

धनतेरस महापर्व कीहार्दिक शुभकामनाएं.!आप सभी स्नेहीजनोंके ऊपर माँ लक्ष्मी कीकृपा सदैव बनी रहे…! श्रीदेवी प्रथमं नाम द्वितीयं अमृत्तोद्भवा।तृत्तीयं कमला प्रोक्ता

श्रीसूक्त पाठ के बाद लक्ष्मी सूक्तम पाठ आवश्यक है। नहीं तो श्रीसूक्त का प्रभाव कम रहता है। ध्यानम्-सहस्रदलपद्मस्थकर्णिकावासिनीं पराम्।शरत्पार्वणकोटीन्दुप्रभामुष्टिकरां पराम्।।