
आरती रघुवर लाला की
आरती रघुवर लाला की, सांवरिंया नैन विशाला की।कमल कर धनुष बाण धारे,सैलोने नैना रतनारे, छवि लख कोटी काम हारे,अलक की

आरती रघुवर लाला की, सांवरिंया नैन विशाला की।कमल कर धनुष बाण धारे,सैलोने नैना रतनारे, छवि लख कोटी काम हारे,अलक की

श्रीभगवानुवाच।ऒँ नमो भगवते महा पुरुषायसर्वगुणसङ्ख्यानायानन्तायाव्यक्ताय नम इति।।१।। भजे भवान्या रणपादपङ्कजंभगस्य कृत्स्नस्य परं परायणम।भक्तेष्वलं भावितभूतभावनंभवापहं त्वा भवभावमीश्वरम।।२।। न यस्य मायागुणचितवृत्तिभिर्निरीक्षतो ह्यण्वपि

सचिव सत्य श्रद्धा प्रिय नारी।माधव सरिस मीतु हितकारी।। चारि पदारथ भरा भँडारु।पुन्य प्रदेस देस अति चारु।। छेत्रु अगम गढु गाड़

। स्कंदपुराण, काशीखण्ड तथा शिवमहापुराण रुद्रसंहिता के अनुसार भृगुनन्दन शुक्र ने काशी में शुक्रेश्वर महादेव की स्थापना की। भगवान् विश्वनाथ

।। १- मंत्र-ॐ ऐं हुं चतुर्थ स्वाहा।एक माला मूंगा माला से करें। २- मंत्र-ॐ गणेश ऋणं छिंन्दि वरेण्यं हुं नम:

।। नमो राघवाय ।। आजु सुफल तपु तीरथ त्यागू।आजु सुफल जप जोग बिरागू।। सफल सकल सुभ साधन साजू।राम तुम्हहि अवलोकत
हनुमानजी के इन १२ नामों का जो रात में सोने से पहले व सुबह उठने पर अथवा यात्रा प्रारंभ करने

हरि शरण में सब सशंय मिट जाते हैं। यदि जीवन भर किसी ने भगवान की भक्ति नहीं की, शरण ग्रहण

श्री गणेशाय नमः। ॐ नमो विश्वरूपाय विश्वस्थित्यन्तहेतवे।विश्वेश्वराय विश्वाय गोविन्दाय नमो नमः।।१।। नमो विज्ञानरूपाय परमानन्दरूपिणे।कृष्णाय गोपीनाथाय गोविन्दाय नमो नमः।।२।। नमः कमलनेत्राय

मंद मंद बारिश होने लगी है। अर्ध रात्रि का समय है। देवकी और वसुदेव के हाथ-पैरो की बेड़ियां खुल गई