
खुद में ईश्वर को देखना ही ध्यान है
उस दिन सबेरे 6 बजे मैं अपने शहर से दूसरे शहर जाने के लिए निकली, मैं रेलवे स्टेशन पहुंची ,

उस दिन सबेरे 6 बजे मैं अपने शहर से दूसरे शहर जाने के लिए निकली, मैं रेलवे स्टेशन पहुंची ,

शास्त्र कहते है …. कि अठारह दिनों के महाभारत युद्ध में उस समय की पुरुष जनसंख्या का 80%

मारुती स्तोत्र हनुमानजी का एक सिद्ध मन्त्र है। इस मन्त्र के माध्यम से आप हनुमानजी की आराधना कर सकतें हैं।

शिवपुराण संहिता में कहा है कि सर्वज्ञ शिव ने संपूर्ण देहधारियों के सारे मनोरथों की सिद्धि के लिए इस ‘ॐ

शिवपुराण संहिता में कहा है कि सर्वज्ञ शिव ने संपूर्ण देहधारियों के सारे मनोरथों की सिद्धि के लिए इस ‘ॐ

मम कृत सेतु जो दरसनु करिही।सो बिनु श्रम भवसागर तरिही।। प्रभु श्रीराम कहते हैं, जो मेरे बनाए सेतु का दर्शन

कदाचित् कालिन्दी तट विपिन सङ्गीत तरलोमुदाभीरी नारी वदन कमला स्वाद मधुपः।रमा शम्भु ब्रह्मामरपति गणेशार्चित पदोजगन्नाथः स्वामी नयन पथ गामी भवतु

इस चित्र से आपको यह तो समझ आ गया होगा की गायत्री मंत्र से शरीर के कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर

चतुर्भुज जगन्नाथ कंठ शोभित कौसतुभः।पद्मनाभ, बेडगरवहस्य, चन्द्र सूरज्या बिलोचनः।। जगन्नाथ, लोकानाथ, निलाद्रिह सो पारो हरि।दीनबंधु, दयासिंधु, कृपालुं च रक्षकः।। कम्बु

।। मन पर नियन्त्रण करके शब्दों का उच्चारण करने की क्रिया को मन्त्र कहते है। मन्त्र विज्ञान का सबसे ज्यादा